गुरुदेव पंडित हरिनाथ जी चतुर्वेदी की 102वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सीएलसी ने किया पौधारोपण और रक्तदान
CLC Organised Tree Plantation and Blood Donation Drives.
गुरुदेव पंडित हरिनाथ जी चतुर्वेदी की 102वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सीएलसी ने किया पौधारोपण और रक्तदान
सीकर। सीकर को शिक्षा नगरी के रूप में स्थापित करने के प्रेरणास्रोत परम पूज्य गुरुदेव पंडित हरिनाथ जी चतुर्वेदी के 102वें जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर सीएलसी संस्थान की ओर से पौधारोपण एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीएलसी परिवार के सदस्यों के साथ शहर के गणमान्य नागरिकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं शुभचिंतकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गुरुदेव के शिक्षा, सेवा और संस्कारों के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सीएलसी निदेशक इंजीनियर श्रवण चौधरी ने बताया कि सीकर को शिक्षा नगरी बनाने की दिशा में गुरुदेव पंडित हरिनाथ जी चतुर्वेदी का योगदान और उनके विचार सदैव प्रेरणादायी रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार माना। उनके इन्हीं विचारों और संस्कारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सीएलसी द्वारा प्रत्येक वर्ष उनके जन्मदिवस के अवसर पर सेवा एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। चौधरी ने कहा कि गुरुदेव की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का दिन है। शिक्षा के साथ सेवा, संस्कार और समाज के प्रति जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाना ही गुरुदेव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा का संकल्प है, वहीं रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने की मानवता से जुड़ी सेवा है। गुरुदेव के जन्मदिवस के पूर्व दिवस पर जयपुर रोड स्थित गोरिया गांव में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम सातड़ा आश्रम के महंत श्री शांतिनाथ जी महाराज के सान्निध्य में हुआ। इस दौरान सीएलसी परिवार के सदस्यों एवं शहर के गणमान्य नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम के बाद सीएलसी परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सीएलसी परिवार के सदस्यों, शुभचिंतकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया। रक्तदाताओं ने इस पहल को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए समाज के अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
सीएलसी निदेशक इंजीनियर श्रवण चौधरी ने कहा कि गुरुदेव के संस्कारों में सेवा को विशेष स्थान प्राप्त था और सीएलसी परिवार शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को भी अपनी जिम्मेदारी मानता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उससे समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा की भावना विकसित हो। कार्यक्रम में सीएलसी सीओओ समर चौधरी, सीएलसी एचआर हेड वीरेंद्र चौधरी सहित पूरा सीएलसी परिवार, शुभचिंतक, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। गुरुदेव पंडित हरिनाथ जी चतुर्वेदी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित इन दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से सीएलसी परिवार ने शिक्षा, सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संवेदनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
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